सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

1 easy way to increase self confidence in hindi


  khud ko kisi se kam mat samjho

forsuccess,Motivational Speech By Sandeep Maheshwari,successful kaise bane,safal kaise bane,success formula in life,Self-confidence kaise badhaye? aatmwishwas badhane ke  tarike in hindi. Self Esteem Building Guide, Self Confidence and Healing, How To Boost Self Confidence!,Self-Confidence Hypnosis, Aatm Vishwas Kaise Badhaye,Motivational story in Hindi, Vishwas Kaise Badhaye,आत्मविश्वास,self confidence kise kahte hai,self confidence story, ko kisi se kam mat samjho/Motivational story in Hindi


दोस्तों, आज कल का ये जो समय है उसमे सबसे important अगर कुछ है, तो वो है अपने आप पर विश्वास रखना। आज formula of successful in life है  self confidence/ आत्मविश्वास। चलिए इसको हम एक कहानी के throw समज ते है। 


एक चिड़िया थी। उसका एक दाना पेड़ के अंदर फ़स गया। उसने पेड़ से बहुत request करा के  वह उसका दाना उसको वापस दे दे। मगर पेड़ कहा सुनने  वाला था। उसने चिड़िया को बहुत ही भला बुरा कहा, चिड़िया को तुच्छ समझकर उसने चिड़िया की खूब हसी उड़ाई। 

आखिर कर थक हार कर चिड़िया बढ़ई के पास गई। उसने बढ़ई से कहा की तुम पेड़ काट दो, पेड़ मेरा दाना नहीं दे रहा है। बढ़ई ने भी चिड़िया को डाट के भगा दिया। 

फिर चिड़िया राजा के पास गई और कहा की आप बढ़ई को सजा दो वो पेड़ नहीं काट रहा और पेड़ मुजे दान नहीं दे रहा। राजा ने भी चिड़िया को डाट के भगा दिया की इतनी छोटी सी बात के लिए मुज तक पहुँच गई?

चिड़िया हार मान ने वालो में से नहीं थी। वो फिर महावत के पास गई की तुम राजा को हाथी पर से गिरा दो क्योकि राजा बढ़ई को सजा नहीं दे रहा। बढ़ई पेड़ नहीं काट रहा और पेड़ दाना नहीं दे रहा। महावत ने भी चिड़िया को भगा दिया। 

चिड़िया फिर हाथी के पास गई और कहा की, तुम महावत को कुचल दो क्योकि, महावत राजा को नहीं गिरा रहा। हाथी ने भी चिड़िया को खूब खरी खोटी सुना कर भगा दिया। 

अभी भी चिड़िया थकी नहीं थी। वो चींटी के पास गई के तुम हाथी के कान में जाकर उसको मार दो क्योकि, हाथी महावत को नहीं कुचल रहा, महावत राजा को नहीं गिरा रहा, राजा बढ़ई को सज़ा नहीं दे रहा, बढ़ई पेड़ नहीं काट रहा और पेड़ मुझे मेरा दाना नहीं दे रहा। 

ये सुन के चींटी जोर जोर के हस ने लगी और कहा की तेरे एक दाने के लिए मै थोड़े ही हाथी को मारूंगी?  ये सुनते ही चिड़िया को बहुत गुस्सा आ गया और उसने कहा की मैं और किसी का तो कुछ नहीं बिगाड़ सकती, मगर यदि तुमने मेरी बात नहीं मानी तो मैं तुम को उठा के फ़ेक दूंगी। 

ये सुन कर चींटी डर के हाथी के पास गई और कहा की तुम महावत को गिरा दो नहीं तो मैं तुमको मार दूंगी। हाथी महावत के पास गया, महावत राजा के पास गया, राजा ने बढ़ई को आदेश दिया की वो पेड़ काट दे नहीं तो वो उसको मृत्यु दंड देगा, बढ़ई पेड़ के पास गया और कहा की चिड़िया का दाना दे दे वरना वो उस को काट देगा। पेड़ ने  डर के चिड़िया को उसका दाना दे दिया। 

दोस्तो, यहाँ पे चिड़िया एक छोटे से छोटा इंसान का प्रतिनिधित्व कर रही है। यदि देखा जाये तो चिड़िया कुछ भी नहीं है, पर अगर वो ठान ले तो वो बड़े से बड़े व्यक्ति को भी अपनी बात मनवाने पर विवश कर सकती है। 

इसी  तरह हमें भी  अपने आप को कम या तुच्छ समझने की गलती नहीं करनी चाहिए। हर इंसान में कोई न कोई गुण, कोई न कोई शक्ति जरूर होती है। हमें उसको पहचान ना होता है, और वो तभी संभव होता है जब आप को अपने आप पे विश्वास हो। 

हमारी परवरिश कुछ इस प्रकार से होती है की हमें बचपन से ही ये सिखाया जाता है की, ज्यादा किसि से मत उलझो। हमें अक्सर let go करना ही सिखाया है। याद करिये जब  हम छोटे थे, तब हमारे दिमाग में ये बाते आतीं थी की हम क्यों चुप रहे जब हम सही है ? जब गलत हमारे साथ हुआ है। पर धीरे धीरे हम उसको स्वीकार कर जीना सिख गई। हम सिख गई चुप रहना। 

पर, इस सब का असर ये हुआ की हम अपने आपको तुच्छ और कमजोर समझने लगे। हमारा पूरा self confidence चूर चूर हो गया। और इस बात का न हमें और न ही है हमारे बड़ो को पता चला।

चलो जो हो गया इसको छोडो। उसको पकड़ के रखने से कोई फायदा नहीं होगा, पर यहाँ से हमें अपने आपको बदलना पड़ेगा। अगर हमें अपनी लाइफ में आगे बढ़ना है तो इन सारी बातो से अपनी mind को हटा के focus होना पड़ेगा। 


Self confidence kaise badhaye?

khud ko kisi se kam mat samjho


Motivational Speech By Sandeep Maheshwari,successful kaise bane,safal kaise bane,success formula in life,Self-confidence kaise badhaye? aatmwishwas badhane ke  tarike in hindi. Self Esteem Building Guide, Self Confidence and Healing, How To Boost Self Confidence!,Self-Confidence Hypnosis, Aatm Vishwas Kaise Badhaye,Motivational story in Hindi, Vishwas Kaise Badhaye,आत्मविश्वास,self confidence kise kahte hai,self confidence story, ko kisi se kam mat samjho/Motivational story in Hindi



आत्मविश्वास बढ़ाने के लिए हमें  i can't do से  i can do तक का सफर तय करना पड़ेगा।जितना ये पढ़ ने में easy है उतना ही ये करने मे मुश्किल है। जब भी हमारे मन में ये विचार आये की मैं ये नहीं कर सकता या नहीं कर सकती। तब इसको तुरंत ही बदलकर हमें ये बोलना है की नहीं मैं भी ये कर सकता हूँ या कर सकती हूँ। 

अगर कोई चाँद पर जा सकता है, अगर कोई Everest सर कर सकता  है, अगर कोई लाखो रुपए कमा सकता है तो हम भी ये कर सकते है। जिसके पास ये attitude है वही अपने जीवन में सफल हो सकता है।

 i can do anything

इस वाक्य को अपने जीवन का मंत्र बनालो। कोई चाहे कुछ भी कहे। लोग या परिस्थितिया चाहे कितना भी हमारे  विरुद्ध हो जाये। हमें अपने आप पर से विश्वास गुमाना नहीं है। हमारे आत्मविश्वास में कमी नहीं  आनी चाहिए। हमें अपने प्रयास निरंतर करते रहना है, जैसे चिड़िया ने किये थे। 

यदि हमने इतना कर लिया, फिर हमें जीवन में सफल होने से कोई नहीं रोक सकता।  हम  अपने जीवन में successful जरूर होंगे। 

 




 

टिप्पणियाँ

इस ब्लॉग से लोकप्रिय पोस्ट

Yeh Rishta Kya Kehlata Hai / रिश्ता किसे कहते हैं ?

  रिश्ता किसे कहते हैं ?/rishta kise kahate hain. rishte ehsas ke hote hain दोस्तों, आज कल 'ये रिश्ता क्या कहलाता है' फेम दिव्या भटनागर बहुत चर्चा में है। उसकी मौत तो covid 19 के कारन हुई है।  लेकिन उसके परिवार और friends के द्वारा उसके पति पर उनकी मौत का इल्जाम लगाया जा रहा है। ( हम यहाँ किसी पर भी आरोप नहीं लगाते, ये एक जांच का विषय है। )  ऐसा ही कुछ सुंशांत सिंह राजपूत के मौत के वक्त भी हुआ था। उनके मृत्यु के बाद उनके परिवार और friends ने भी ऐसे ही किसी पर आरोप लगाया था। उनकी मौत का जिम्मेदार माना था।  इनकी स्टोरी सच है या क्या जूठ ये हम नहीं जानते, न ही हम उसके बारे में कोई discussion करेंगे।  मगर ये सुनने के बाद एक विचार मेरे मन में ये सवाल उठा की ये हो-हल्ला उनकी मौत के बाद ही क्यू ? उनसे पहले क्यों नहीं? अब ऐसा तो नहीं हो सकता की उनके रिश्तेदारों को इस चीज़ के बारे में बिलकुल पता ही न हो?  ये बात केवल दिव्या भटनागर या सुशांत सिंह राजपूत की ही नहीं है। ये दोनों की story तो इसलिए चर्चा में है, क्योकि ये दोनों काफ़ी successful हस्तिया थी।  मगर हमने अपने आसपास और समाज में भी ऐ

5 Tips Life me Khush Kaise Rahe In Hindi

   life me khush rehne ke tarike/ happy life tips in hindi दोस्तों, जब से ये दुनिया बनी है तब से आदमी की एक ही इच्छा रही है के वे अपने जीवन में हमेश खुश रहे। चाहे वो पाषाण युग हो या आजका 21st century हो। हमारा हर अविष्कार इसी सोच से जन्मा है। चमच्च से ले कर रॉकेट तक हमने इसीलिए बनाये है ताकि हम अपने जीवन में खुश रहे।  आज 21st century में तो हमारे जीवन को आसान और खुश रखने के लिए  gadgets की तो मानो बाढ़ सी आ गयी है। चाहे घर का काम हो या ऑफिस का चुटकि बजा कर हो जाता है। घर बैठे मिलो दूर अपने अपनों से न केवल बात कर सकते है मगर उसको देख भी सकते है।  आज internet ने अपना साम्राज्य इस कदर फैलाया है की, दुनिया के किसी भी कोने में क्या हो रहा है वो आप दुनिया के किसी भी कोने में बेठ कर देख सकते है। आज से पहले इतनी सुविधा कभी पहले नहीं थी। हर बात में आज का युग advance है।  शायद ही ऐसा कोई मोर्चा हो जहा पर हम ने तरक्की न करी हो। पर अब सवाल ये उठता है की इतनी तरक्की करने के बाद क्या हमने वो हासिल किया है जिसके लिए हमने इतनी तरक्की करी है? आज हमारे पास सबसे बढ़िया गाड़ी है, घर है, कपडे है, घडी है, जुते

kya bacho ko mobile dena chahiye?

  क्या बच्चो के लिए खतरनाक है मोबाइल? दोस्तों, क्या बच्चो को मोबाइल देना चाहिए? ये सवाल आज के युग का एक बहोत ही बड़ा सवाल है। हर माँ बाप को ये सवाल सताता है की क्या हमें अपने बच्चो को मोबाइल देना चाहिए या नहीं ? इस पर एक लम्बी चौड़ी कभी न ख़तम होने वाली बहेस होती है और होती रहेगी। लेकिन यहाँ कुछ point पर ध्यान देना भी बहुत ही जरुरी है।  सबसे बड़ा सवाल ये है की बच्चो को मोबाइल की क्या जरुरत है? मोबाइल का उपयोग हम आमतौर पर किसी से बाते करने में, अपने ऑफिस वर्क के लिए या लोकशन सर्च के लिए होता है। ये सारे ज़रूरी काम है जो बिना मोबाइल के नहीं हो सकता राइट? तो अब सवाल ये उठता है की बच्चो को मोबाइल क्यों जरुरी है? बच्चो को नहीं किसी से जरुरी बात करनी होती है, और न ही ऐसा कोई काम जो बिना मोबाइल के पूरा न होता हो। बाहर वो हमारे साथ जाता है। पूरा दिन वो स्कूल या collage में अपने friends के साथ  होता है, और यदि  कुछ काम हो तो वो हमारा फ़ोन use कर सकता है। मुझे नहीं लगता की ऐसा कोई एक कारन हो,  जिसकी बजह से हमें अपने बच्चो को उनका खुद का मोबाइल खरीदकर देना पड़े।   दोस्तों, हम अपने बच्चो को मोबाइल क्यों