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5 qualities to be a real and true friend in hindi

 How to be a real and true friend in hindi (अच्छा दोस्त कौन होता है)


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दोस्तों, हर कोई चाहता है की, हमारे जीवन में कोई ऐसा व्यक्ति हो, जिस से हम सब कुछ शेयर कर सके। जिस से हम कोई भी बात जो हम किसी को भी नहीं कह सकते है वो सारी बाते उसको बता सके। कोई ऐसा जो निस्वार्थ हमारे साथ जुड़ा हो, और हमारी हर समस्या में वो हमारे साथ ही रहे। 

दोस्तों, ऐसे  व्यक्ति को हम friend (एक अच्छा और सच्चा दोस्त) कहते है। हमारी एक मान्यता हो गई है की friend कोई हमारा हमउम्र या school या colleges में सेही हो सकते है। कोई हमे घर का सदस्य या सागा सम्बन्धी हमारे friend नहीं हो सकते।ये मान्यता बिलकुल ही गलत है। 

मित्र का मतलब होता है वो व्यक्ति जो बिना किसी स्वार्थ के हर पल  हमारा साथ दे। एक इसा व्यक्ति होता है जो, चाहे पूरी दुनिया हमारे विरुद्ध हो जाये भगवान तक हमारे विरुद्ध हो जाये,  मगर वो आके कहे की मै तेरे साथ हु। वह आपका साथ पूरी सीदत से निभाए। और वो व्यक्ति कोई भी हो सकता है। आपके माता पिता, भाई-बहन या कोई आपसे भी छोटी उम्र का व्यक्ति। 

दोस्तों, हम सब एक  अच्छा दोस्त चाहते है राइट? पर क्या हम ने कभी ये सोचा है की हम ऐसा किसी का दोस्त बने? जीवन में सारी problems यहाँ पर है। हम दुसरो से सब चाहते है पर हम ऐसा बनने की कोशिश नहीं करते। 

आज का मेरा blog इसी सोच पर है की हम एक अच्छा मित्र कैसे बने ? मित्र इसलिए की जैसे की मने ऊपर कहा की मित्र कोई भी और किसी के भी बन सकते है। 

अब सवाल ये है की अच्छा दोस्त कैसे बने? यहाँ पर कुछ टिप्स है जिससे आप एक अच्छा और सच्चा दोस्त बन सकते है। 

1. निःस्वार्थ बनो। 

  एक स्वार्थी व्यक्ति कभी अपने जीवन में कोई भी रिश्ते में कामियाब नहीं हो सकता। इस दुनिया में अनेक सम्बन्ध है, उस हर सम्बन्ध में ज्यादा कम ही सही मगर कुछ न कुछ स्वार्थ जरूर होता है। मगर एक दोस्ती ही ऐसा सम्बन्ध है जो निस्वार्थ होती  है। 

हमें हमेशा हम से जितना बन पड़े उतना अपने हर एक सम्बन्ध में निःस्वार्थ बनना सिख ना होगा। उसके लिए हमे हर रोज़ किसी न किसी को बिना कोई स्वार्थ मदद करनी चाहिए। वो कोई भी हो सकता है, वो आपका बेटा, पत्नी, माँ-बाप, भाई-बहन, पड़ोसी या कोई अनजान व्यक्ति हो सकता है। 

उसकी शुरुआत हमें अपने घरसे, गली मुहल्ले से करनी पड़ेगी। हमें अपने घर के हर छोटे बड़े काम में हाथ बटाना चाहिए। हमारे पास पड़ोस  किसी को मदद की ज़रूरत पड़े तो बिना किसी आशा के हमसे जितनी हो पड़े उतनी मदद करनी चाहिए। किसी भूखे को रोटी दे कर या किसी को रोड क्रॉस कराकर मदद करे। 

ये सारी बातें छोटी छोटी जरूर लगती है मगर  ऐसे ही हम निस्वार्थ कार्य से ही हम आगे बढ़। 

हम कोशि करे के आज से हम हर काम बिना कोई स्वार्थ से करेंगे। अगर हमने  ये कर दिया तो जिंदगी से ९९% शिकायते ख़तम हो जाएँगी। 


2. हंमेशा दूसरो की सहायता के लिए तत्पर रहो। 

दोस्तों, हमने ऐसे कई लोगो को देखा है जो दुसरो की तकलीफ देखते ही तुरंत ही मदद के लिए दौड़े दौड़े आते है। और कई ऐसे लोग भी है की जो दुसरो की तकलीफ में आँख चुराते फिरते है। 

एक अच्छा दोस्त हमेशा अपने दोस्त की तकलीफ मे साथ खड़ा मिलता है। वो कभी आँख नहीं चुराता, मगर उससे जितनी हो सके उससे भी ज्यादा वो मदद करता है। 

science ने भी अपनी reschres से ये साबित किया है की अगर आप दुसरो की मदद  करते है तो आपकी आयु लम्बी होती है, chronic pain में help मिलती है, blood  presser normal  रहता है, आपके neture में positivity आती है जैसे और भी कई benefits  होते है। 

इसीलिए हमारे शास्त्रों में दान और धर्मका महिमा गया गया है। हमारे हर festival में हम दान पूर्ण करते है। हलाकि आज ये कम हो गया है, और इसीलिए आज हमारे जीवन में समस्या भी ज्यादा है। 

तो दोस्तों, जीवन में हमें खुश रहने के लिए भी हमें ये गुण अपनाना पड़ेगा। कभी दुसरो की मदद  कर ने से पीछे नहीं हटना। 

3. Emotional person बनो। 

इन्सान एक इमोशनल प्राणी है। लेकिन आज कल हमारे में और जानवरो में ज्यादा फर्क नहीं रहा। इसीलिए आज कल अच्छे और सच्चे दोस्त मिलना मुश्किल हो गया है। जबतक हमारे अंदर संवेदना नहीं होगी तब तक हम दुसरो के दर्द और तकलीफ को समझ पाएंगे। जब emoshion ही नहीं होंगे तो हम किसी  तकलीफ को  कैसे समझेंगे? 

विडंबना ये है की हमें इस बात का पता ही नहीं है की हमारे अंदर संवेदना ख़तम हो गई है। रेप, खून, लूट-फाट, वगेरे न्यूज़ और सीन हम खाना खाते खाते बड़े ठन्डे कलेजे से देखते है और अपने बच्चो को भी दिखते है, ये इस बात का सबूत है। 

कई लोगो मेरे ये बाते पढ़ के हसेंगे मगर अगर हमारे में थोड़ी  संवेदना बची है तो, ठन्डे दिमाग से ज़रा सोचेंगे तो मेरी ये बात समज में आएँगी। 

ऐसा नहीं है की हमारे emotion मर गए है मगर, हम उसके प्रति सजग नहीं है। हमारे समाज की या education system में हमें ये सिखाया नहीं जाता की बिना स्वार्थ के दुसरो  सहायता कैसे करे? हम बचपन  से ही यही सुनते आये  की अपना देखो और करो।

 कई लोग यंत्र जैसे है,  उन्हें केवल अपने काम से काम होता है। दुसरो से उनको कोई निस्बत नहीं होती। क्योकि उनमे कोई emotion नहीं होते। ऐसे लोग अच्छे employ बन सकते है, मगर अच्छे इंसान  कभी नहीं, तो एक अच्छे दोस्त की बात ही कहा आएगी ?

तो दोस्तों एक अच्छा दोस्त वो ही बन सकता है, जिसके पास संवेदना हो। सवेदनशील बने। 


4.A good sense of humor 

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दोस्तों, हमें ऐसे लोग ज्यादा पसंद आते है जिन के पास एक अच्छा sense of humor  होता है। हँसाने की कला हर किसी  में नहीं होती। हमें एक ऐसा दोस्त बनना है की, जब कोई हमारे पास आये तो अपनी सारी परेशानियों को कुछ देर के लिए  ही सही मगर वो भूल जाये।  

एक अच्छा हसमुख स्वभाव हमें हर परिस्थिति में से बहार ला सकता है। हम जब भी उदास होते है तब हम ऐसे लोगो की cumpany ढूंढते है जिसके पास हमें बैठ के आनंद आता हो। 

एक अच्छा और सच्चा दोस्त वही होता है जो उदास चहेरे पर भी आनंद ला सके। 

5. सुन ने की आदत डाले। 

जब कोई परेशान होता है तो वो केवल यही चाहता है की उसकी कोई सुने। हमारे यहाँ problem ये होता की कोई सुनता ही नहीं है,  जैसे ही पता चला की कोई परेशान है हम बिना पूरी बात जाने उसको सलाह देना शुरू कर देते है। उसको बोलने का  मौका ही नहीं देते। 

हम लोग सुनने के आदि ही नहीं है। जब भी किसी को तकलीफ में देखे  उसको पूरा सुनना चाहिए। कई बार सामने वाला व्यक्ति हमसे कोई सलाह या help नहीं चाहता बस वो अपनी तकलीफ सुना कर दिल हल्का करना चाहता होता है। 

किसी की तकलीफ को सुन कर समज कर यदि उस व्यक्ति को सलाह दे तो सच में समस्या हल होने के chance बढ़ जाते है। 

इसलिए यदि कोई व्यक्ति हमारे पास कोई समस्या ले कर आये तो उसको पहले पूरी बात सुनकर समझने की कोशिश करनी चाहिए। 

दोस्तों, ये 5 tips है जिससे हम एक अच्छे मित्र बन सकते है। 

दोस्तों, दोस्ती एक बहुत ही खूबसूरत चीज़ है। उसको कुछ लोगो तक सिमित न रख कर पूरी दुनियामे बाटनी चाहिए। अगर हर कोई वयक्ति अच्छा  दोस्त ढूंढने की बजाय एक अच्छा और सच्चा दोस्त बने तो इस दुनिया में से सारे  problam solve  हो जाये। 


  








 



  


 



 


टिप्पणियाँ

  1. wow... what a new thought. it's very true.
    'agar har koi Acha mitra bane to sare problem hi solve ho jaye'

    I like this thought.

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