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True Relationship In Hndi/ Sachhe Rishte

  What is relationship?/ रिश्ते क्या है ? दोस्तों, जब भी रिश्ते की बात आती है हमारे नजर के सामने अपने माता पिता, भाई- बहन, वगैरा की छबि आती है। ये सच भी है। ये सारे रिश्ते या तो हमारे जन्म के साथ जुड़े है, या तो समाज के बनाये नियमो के साथ (जो लग्न के साथ जुड़ते है।). उन रिश्तो को चुनना हमारे बस में नहीं होता। जन्म के साथ या शादी के साथ वो रिश्ते हमारे जीवन में आते है।    हमारे समाज की रचना इस तरह से की है की उन रिश्तो के साथ आपकी कुछ जिम्मेदारियां भी होती है। ये रिश्ते तभी एक दूसरे के पूरक हो सकते है जब लोग अपनी अपनी जिम्मेदारियां  उठाए, या निभाए। यदि हमारे लिए कोई कुछ कर रहा है तो उसके बदले में उसको कुछ न कुछ अपेक्षा भी रहेगी।  ये सारे रिश्ते हमारे जीवन में बहुत ही अहेमियत रखते है। उन से हमें जुड़े भी रहना चाहिए। मगर उन सभी रिश्तो में कुछ न कुछ उम्मीदें भी एक दूसरे से रहती है। यदि किसीकी ओर से उस उम्मीद को पूरा न कर पाए तो उन रिश्तों में ख़टास भी आ सकती है। कई बार खून के रिश्तो को टूटते हुए भी हमने देखा है।   पिता-पुत्र को, बहन-भाई को, पति-पत्नी को काका-भतीजे को हमने लड़ते झगड़ते देखा है। क

Kyo Hai Samaj Me Kisi Ki Zindgi Se Badhkar Izzat ?

  किसी की जिंदगी से बड़ी है इज़्ज़त ?/ LIFE OR HONOUR दोस्तों, आज एक घटना SOCIAL MEDIA पर देखि। उस में एक सामाजिक संस्था को एक INFORMETION मिली की, एक घरे में एक लड़की को कई महीनो से बंधक बना के रखा गया है। जब संस्था उस लड़की को RESCUE करने पहोची तो, उन लड़की के परिवार ने उनका विरोध किया। उन्होंने बताया की हमने उसको बंधक नहीं बनाया है पर वो लड़की बीमार है। उस संस्था वालो ने कहा की हम उसको HOSPITEL ले कर चलते है। जो भी खर्चा होगा वो हम आपको देंगे, पर परिवार वाले नहीं माने।  संस्था वालों ने उस परिवार के आगे हाथ पैर जोड़े की आप या तो उसे हॉस्पिटल ले जाए या हमें ले जाने दे। क्योंकि जब वो संस्था वाले वहा पहुंचे तो उन्होंने देखा की उस लड़की को निचे जमीं पे लेटाया है। उस लड़की के ऊपर केवल एक चादर ओढ़ाई थी। पहली नज़र में देख ने पे ये लगा की वो मर चुकी है पर उसके श्वास चल रहे थे।  इसलिए वो संस्था उस लड़की को बिना देर किये हॉस्पिटल पहोचना चाहता था। पर वो परिवार को बिलकुल भी जल्दी नहीं थी।  वो संस्था उस परिवार को हाथ पैर जोड़ रही थी, पर परिवार वाले उस लड़की को ले जाने नहीं दे रहे थे। वो संस्था भी उसको लिए बिना

Social Media Se Naye Samaj Ki Aur Ek Kadam In Hindi

social media से सतकार्य की और एक कदम।   दोस्तों, आज मैने एक Whatsapp पे एक स्टोरी पढ़ी। ये कोई काल्पनिक नहीं थी, पर एक सच्ची घटना पर आधारित है। उसको पढ़ कर बहुत आश्चर्य के साथ साथ एक सुकून भी मिला।  social media का idea जब किसी को आया होगा। तो उन्होंने यही सोचा होगा की ये इंसान के लिए बहुत ही उपयोगी होगा। पर हम भी इंसान है।अच्छे को बिगाड़ने में हम माहिर है। क्योकि आज social media, facebook, Twitter, Whatsapp,internet वग़ैरा का उपयोग अच्छे से ज्यादा बुरे कार्य के लिए अधिक होता है।  आज हम न्यूज़ में रोज़ किसी न किसी से फ्रॉड या blackmailing के किस्से हम लगभग रोज़ सुनते है। ये दिन पर दिन बढ़ रहे है। हम माने या न माने पर social media पे एक पूरा negativity का मानो कब्ज़ा सा है। लोग अच्छे अच्छे message या कोट्स तो रोज़ सुबह भेजते है, पर उसका पालन करना नहीं जानते।  ऐसे में इस सच्ची स्टोरी ने मेरे दिल को एक सुकून के साथ एक उम्मीद भी दी। ज़माना इतना भी ख़राब नहीं जितना हम रोज़ सुबह उठ के mobile में देख ते है।  मैं ज्यादा प्रस्तावना न देते हुए ये स्टोरी शेयर करती हूँ।  एक छोटे से शहर की ये बात है। वहा पे एक

Pitamah Bhishma se sikhe safal logo ko kya nahi karna chahiye

successful/सफ़ल लोगो को क्या नहीं करना चाहिए? दोस्तों, आज मकरसंक्रांति है। हम सब जानते है की आज के दिन के कई जगहों पर पतंग चढ़ाई जाती है। कई जगहों पर लोहरी भी मनाई जाती है। पर आज मै उस बात को नहीं कहूँगी, क्योकि उनके अनेक सरे ब्लॉग भी है।  काफी कुछ जानते भी है।  आज का मेरा ब्लॉग मकरसंक्रांति से जुड़े हुए योद्धा की है। जी हां, वो है भीष्म पितामाह। महाभारत का एक शसक्त पात्र। एक ऐसा व्यक्त्व न केवल आज संभव है पर उस समय भी संभव नहीं था। हमारा इतिहास एक से बढ़कर एक योद्धा ओ से भरा हुआ है। पर भीष्म के जैसा कोई नहीं।  जैसा की हम जानते है की महाभारत के युद्ध के दौरान वे लगभग ८ दिनों  तक बाण सैय्या पे थे। उनको इच्छा मृत्यु  वरदान था। वे आज ही के दिन यानि मकर संक्रांति के दिन उन्होंने प्राण त्याग किये थे।  दोस्तों, महभारत में सब से ताकतवर पात्र अर्जुन को या कृष्ण को मानते है। पर मेरे हिसाब से महभारत में सब से ताकतवर  कोई है तो वो है पितामह भीष्म (success in life)। जब वे महाभारत के युद्ध में उतरे थे तब उनकी आयु लगभग १८३ वर्ष की मानी जाती है। उनको महाभारत युद्ध में लड़वाने के लिए कर्ण जो भारत का ही नही

Key of Success in Hindi/apne aap ko pehchano

 success के लिए अपनी कीमत पहचाने।  अपने आप को जान, क्या है तेरी पहचान, भूल मत ए इन्सान, बनानी है तुजे इस दुनिया में अपनी शान। दोस्तों,  आज कल motivation और success के लिए बहोत सारे क्लासिस start हुए है। ऑनलाइन भी हमें कई सारे blogs और videos भी मिलेंगे। successful लोगो के बारे में जानकारी भी देते है। कैसे उन्होंने अपने जीवन में संघर्ष किया और सफल (success in life)  हुए वगैरा।  उन सब में एक बात common है की हमें संघर्ष से डरना नहीं है। हमें मुश्किलों का हमेशा सामना करना चाहिए तभी हमें सफलता मिलेगी। ये बाते सच भी है, पर यहाँ पे एक बात भूल रहे है। हम जीवन में तभी सफल हो सकते है जब वो टैलेंट हमारे अंदर हो।  क्या हमें अपनी टैलेंट का पता है? क्या हम जानते है की हम में कितनी शक्ति है? हम में से ज़्यादातर लोग हर समय अपने आप को कमजोर ही समज ते है। किसी भी tenanted या successful लोग की बात सुनेंगे या movie देखेंगे तब वो अपने आप को कोस ते हुए ही नजर आएंगे।    दोस्तों, हमें सारी दुनिया का ज्ञान है, हमें सब पता है। पर हमें अपने आपके बारे में ही पता नहीं है। हमारे अंदर क्या शक्ति है, क्या टैलेंट है य